नमस्ते मेरे प्यारे टेक-प्रेमियों! क्या आपका कंप्यूटर भी आजकल थोड़ा सुस्त हो गया है? या फिर अचानक कोई अजीब सा एरर मैसेज दिखा कर अटक जाता है, जिससे आपका सारा काम रुक जाता है?
यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं! हम में से कई लोगों ने इस परेशानी को झेला है, और मैंने खुद अपने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के बीच ऐसी समस्याओं का सामना किया है। अक्सर इन सब के पीछे हमारी विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम की कुछ ज़रूरी फाइलें खराब हो जाती हैं या उनमें कोई गड़बड़ी आ जाती है। लेकिन घबराइए मत, ये कोई ऐसी मुश्किल नहीं है जिसका समाधान न हो। आजकल की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ हम अपने काम से लेकर मनोरंजन तक सब कुछ कंप्यूटर पर निर्भर करते हैं, वहाँ एक सुचारू रूप से चलने वाला सिस्टम होना कितना ज़रूरी है, ये हम सब जानते हैं। मैंने खुद कई तरीकों को आज़माया है और पाया है कि विंडोज सिस्टम फाइलों को ठीक करना उतना मुश्किल नहीं जितना लगता है। अगर आप भी अपने कंप्यूटर को फिर से उसकी पुरानी रफ़्तार और भरोसे के साथ चलाना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस पोस्ट में, मैं आपके साथ अपने अनुभव पर आधारित वो सारे अचूक तरीके साझा करने वाला हूँ, जिनसे आप अपनी विंडोज सिस्टम फाइलों को आसानी से रिपेयर कर सकते हैं और अपने पीसी को एक नया जीवन दे सकते हैं। तो चलिए, इस बेहद ज़रूरी जानकारी को बारीकी से समझते हैं और आपके कंप्यूटर को फिर से धमाकेदार बनाते हैं!
हम में से कई लोगों ने इस परेशानी को झेला है, और मैंने खुद अपने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के बीच ऐसी समस्याओं का सामना किया है। अक्सर इन सब के पीछे हमारी विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम की कुछ ज़रूरी फाइलें खराब हो जाती हैं या उनमें कोई गड़बड़ी आ जाती है। लेकिन घबराइए मत, ये कोई ऐसी मुश्किल नहीं है जिसका समाधान न हो। आजकल की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ हम अपने काम से लेकर मनोरंजन तक सब कुछ कंप्यूटर पर निर्भर करते हैं, वहाँ एक सुचारु रूप से चलने वाला सिस्टम होना कितना ज़रूरी है, ये हम सब जानते हैं। मैंने खुद कई तरीकों को आज़माया है और पाया है कि विंडोज सिस्टम फाइलों को ठीक करना उतना मुश्किल नहीं जितना लगता है। अगर आप भी अपने कंप्यूटर को फिर से उसकी पुरानी रफ़्तार और भरोसे के साथ चलाना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस पोस्ट में, मैं आपके साथ अपने अनुभव पर आधारित वो सारे अचूक तरीके साझा करने वाला हूँ, जिनसे आप अपनी विंडोज सिस्टम फाइलों को आसानी से रिपेयर कर सकते हैं और अपने पीसी को एक नया जीवन दे सकते हैं। तो चलिए, इस बेहद ज़रूरी जानकारी को बारीकी से समझते हैं और आपके कंप्यूटर को फिर से धमाकेदार बनाते हैं!
विंडोज को फिर से जवाँ बनाने का पहला कदम: SFC और DISM कमांड्स का जादू

हम में से कई लोग जब कंप्यूटर धीमा होने लगता है या अजीबोगरीब व्यवहार करता है, तो सीधे रीसेट करने के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन रुकिए! मेरा अपना अनुभव कहता है कि अक्सर ये समस्याएँ सिस्टम फाइलों में छोटी-मोटी गड़बड़ी के कारण होती हैं, जिन्हें SFC (System File Checker) और DISM (Deployment Image Servicing and Management) जैसे शक्तिशाली कमांड्स से ठीक किया जा सकता है। याद है, जब मेरे एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की डेडलाइन करीब थी और अचानक मेरा पीसी अजीब तरह से क्रैश होने लगा?
मैंने घबरा कर यही कमांड्स चलाए और सच कहूँ, मेरी जान में जान आ गई। ये कमांड्स विंडोज की उन सभी मूल फाइलों को स्कैन करते हैं और अगर कोई फाइल खराब या गायब हो तो उसे ठीक करते हैं या उसकी जगह सही फाइल डालते हैं। जैसे एक अच्छा डॉक्टर हमारे शरीर की जाँच कर बीमारी का इलाज करता है, वैसे ही ये कमांड्स आपके विंडोज सिस्टम की गहराई से जाँच कर उसे स्वस्थ बनाते हैं। ये एक तरह से आपके कंप्यूटर के लिए पहला और सबसे ज़रूरी प्राथमिक उपचार हैं। मैंने देखा है कि बहुत से लोग इन कमांड्स को अनदेखा कर देते हैं या इनके बारे में जानते ही नहीं, जबकि ये कितनी बड़ी राहत दे सकते हैं। बस सही तरीके से इन्हें चलाने की जानकारी होनी चाहिए।
SFC स्कैन कैसे काम करता है?
SFC कमांड, या सिस्टम फाइल चेकर, विंडोज का एक बिल्ट-इन यूटिलिटी है जो आपके कंप्यूटर पर सभी संरक्षित सिस्टम फाइलों को स्कैन करता है। यह किसी भी भ्रष्ट, संशोधित, या गलत संस्करण वाली फाइलों का पता लगाता है और उन्हें उनके सही, माइक्रोसॉफ्ट-अप्रूव्ड संस्करणों से बदल देता है। यह कमांड चलाना बहुत आसान है। आपको बस एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कमांड प्रॉम्प्ट खोलना होगा और टाइप करके एंटर दबाना होगा। मैंने खुद कई बार इस कमांड को चलाकर अपने सिस्टम को बड़े क्रैश से बचाया है। यह अक्सर छोटी-मोटी समस्याओं जैसे कि ऐप क्रैश होना, विंडोज फीचर्स का ठीक से काम न करना, या ब्लू स्क्रीन एरर (BSOD) को ठीक करने में बहुत प्रभावी होता है। स्कैन में कुछ समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखना ज़रूरी है। जब यह पूरा हो जाता है, तो आपको एक रिपोर्ट मिलती है जो बताती है कि कोई समस्या मिली और उसे ठीक किया गया या नहीं।
DISM: सिस्टम इमेज का डॉक्टर
जब SFC कमांड अकेले समस्या का समाधान नहीं कर पाता, तो अक्सर समस्या विंडोज की अंडरलाइंग सिस्टम इमेज में होती है। यहीं पर DISM (Deployment Image Servicing and Management) कमांड काम आता है। DISM टूल विंडोज सिस्टम इमेज को तैयार करने, सेवा देने और रिपेयर करने में मदद करता है। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब आपके विंडोज अपडेट ठीक से इंस्टॉल नहीं हो रहे हों या SFC स्कैन ठीक से काम न कर रहा हो। DISM कमांड ऑनलाइन या ऑफलाइन विंडोज इमेज को रिपेयर कर सकता है। आप इसे कमांड प्रॉम्प्ट में एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में चला सकते हैं। इसके कुछ मुख्य कमांड्स हैं जैसे (समस्याओं की जाँच के लिए), (गहन स्कैन के लिए), और (समस्याओं को ठीक करने के लिए)। मैंने देखा है कि जब SFC कुछ नहीं कर पाता, तब DISM अक्सर काम कर जाता है और सिस्टम को बचा लेता है। यह एक ऐसा “अंतिम उपाय” है जो वास्तव में अक्सर पहला होता है जब SFC विफल हो जाता है।
पुराने दिनों की याद दिलाता सिस्टम रीस्टोर पॉइंट
मुझे आज भी याद है, एक बार मैंने गलती से अपने विंडोज में एक नया ड्राइवर इंस्टॉल कर दिया था जिसके बाद मेरा कंप्यूटर बार-बार फ्रीज़ होने लगा। मेरी घबराहट का ठिकाना नहीं था क्योंकि मेरा सारा काम रुक गया था। तब मुझे सिस्टम रीस्टोर पॉइंट की याद आई। यह सुविधा मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं थी!
सिस्टम रीस्टोर पॉइंट एक ऐसी सुविधा है जो आपके विंडोज को एक पिछली स्थिति में वापस ले जाती है, जब सब कुछ ठीक काम कर रहा था। यह एक तरह से आपके सिस्टम का “टाइम मशीन” है। यह आपकी व्यक्तिगत फाइलों को प्रभावित किए बिना सिस्टम फाइलों, इंस्टॉल किए गए प्रोग्राम्स और रजिस्ट्री सेटिंग्स को वापस बदल देता है। यह तब बहुत उपयोगी होता है जब आपने कोई नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया हो, कोई अपडेट किया हो, या कोई ड्राइवर अपडेट किया हो जिसके कारण आपके सिस्टम में समस्या आ गई हो। मैंने पाया है कि यह उन लोगों के लिए एक लाइफसेवर है जो अक्सर अपने सिस्टम में नई चीजें ट्राई करते रहते हैं। यह आपको एक सुरक्षित रास्ता देता है जिससे आप बिना किसी डर के बदलाव कर सकते हैं, क्योंकि आपको पता है कि आप हमेशा एक काम करने वाली स्थिति में वापस आ सकते हैं।
रीस्टोर पॉइंट बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका
सिस्टम रीस्टोर पॉइंट बनाना बहुत आसान है और मैं हमेशा यही सलाह देता हूँ कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले एक रीस्टोर पॉइंट ज़रूर बना लें। आप “Create a restore point” सर्च करके सिस्टम प्रॉपर्टीज विंडो में जा सकते हैं। वहाँ, “System Protection” टैब में, आप “Create…” बटन पर क्लिक करके एक नया रीस्टोर पॉइंट बना सकते हैं। जब आपको अपने सिस्टम को रीस्टोर करना हो, तो उसी विंडो में “System Restore…” बटन पर क्लिक करें और अपनी पसंदीदा रीस्टोर पॉइंट चुनें। यह प्रक्रिया आपके कंप्यूटर को रीस्टार्ट करेगी और उसे उस स्थिति में वापस ले जाएगी। यह मेरी अपनी अनुभव से साबित हुआ है कि यह एक छोटा सा कदम है जो आपको बड़ी परेशानियों से बचा सकता है। यह आपको उन क्षणों में बहुत आत्मविश्वास देता है जब आप कुछ नया आज़मा रहे होते हैं, यह जानते हुए कि आपके पास हमेशा एक वापसी का मार्ग है।
कब करें सिस्टम रीस्टोर का इस्तेमाल?
सिस्टम रीस्टोर का उपयोग तब करना चाहिए जब आपको लगे कि आपके कंप्यूटर की समस्या हाल ही में किए गए किसी बदलाव (जैसे सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन, ड्राइवर अपडेट) के कारण आई है। यदि आपका कंप्यूटर धीरे चल रहा है, कोई ऐप क्रैश हो रहा है, या कोई नया एरर मैसेज दिखाई दे रहा है जो पहले नहीं था, तो सिस्टम रीस्टोर एक अच्छा पहला कदम हो सकता है। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह आपकी व्यक्तिगत फाइलों, जैसे डॉक्यूमेंट्स, पिक्चर्स या वीडियो को डिलीट नहीं करेगा। यह केवल सिस्टम से संबंधित फाइलों और प्रोग्राम्स को प्रभावित करेगा। यदि आप किसी वायरस या मैलवेयर से प्रभावित हुए हैं, तो सिस्टम रीस्टोर कुछ हद तक मदद कर सकता है, लेकिन यह एक पूर्ण एंटीवायरस समाधान का विकल्प नहीं है। हमेशा अपनी समस्या की जड़ को समझने की कोशिश करें और फिर सही उपाय चुनें।
अधूरा अपडेट, आधी समस्या: विंडोज अपडेट को पूरा करें
अरे हाँ! क्या आपको पता है कि बहुत बार हमारी विंडोज की समस्याएँ अधूरे या करप्टेड अपडेट्स के कारण भी होती हैं? मैंने कई बार देखा है कि लोग विंडोज अपडेट्स को टालते रहते हैं, और फिर एक दिन उनका सिस्टम अजीबोगरीब व्यवहार करने लगता है। विंडोज अपडेट्स सिर्फ नए फीचर्स नहीं लाते, बल्कि वे सुरक्षा पैच और सिस्टम सुधार भी लाते हैं जो आपके कंप्यूटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। अगर ये अपडेट्स ठीक से इंस्टॉल न हों, या बीच में रुक जाएँ, तो सिस्टम फाइलों में गड़बड़ी आ सकती है। मेरे एक दोस्त ने एक बार मुझसे शिकायत की थी कि उसका कंप्यूटर हर बार स्टार्ट होने पर बहुत धीमा हो जाता है। जब हमने जाँच की, तो पता चला कि कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट्स कई हफ्तों से पेंडिंग थे!
अपडेट्स इंस्टॉल करने के बाद उसका सिस्टम फिर से पहले जैसा तेज़ हो गया। यह एक छोटी सी बात लग सकती है, लेकिन यह आपके सिस्टम के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अपडेट सेटिंग्स की जाँच कैसे करें?
अपनी विंडोज अपडेट सेटिंग्स की जाँच करना बहुत आसान है। आपको बस स्टार्ट मेनू में जाकर “Settings” (सेटिंग्स) पर क्लिक करना है, फिर “Update & Security” (अपडेट और सुरक्षा) में जाना है। यहाँ आपको “Windows Update” (विंडोज अपडेट) सेक्शन मिलेगा। इस सेक्शन में, आप देख सकते हैं कि क्या कोई अपडेट पेंडिंग है या कोई एरर आया है। मेरा सुझाव है कि आप “Pause updates for 7 days” (7 दिनों के लिए अपडेट रोकें) जैसे विकल्पों का उपयोग केवल तभी करें जब आपको किसी तत्काल कार्य के लिए सिस्टम की पूरी क्षमता की आवश्यकता हो। अन्यथा, विंडोज को स्वचालित रूप से अपडेट्स डाउनलोड और इंस्टॉल करने दें। यह आपके सिस्टम को न केवल सुरक्षित रखता है बल्कि सिस्टम फाइलों को भी सही स्थिति में रखने में मदद करता है। यह एक छोटी सी आदत है जो बड़े सिरदर्द से बचाती है।
पेंडिंग अपडेट्स को मैन्युअल रूप से इंस्टॉल करना
कई बार ऐसा होता है कि स्वचालित अपडेट्स किसी कारण से फेल हो जाते हैं। ऐसे में, आप मैन्युअल रूप से अपडेट्स इंस्टॉल करने का प्रयास कर सकते हैं। विंडोज अपडेट सेक्शन में, आपको “Check for updates” (अपडेट के लिए जाँच करें) का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करके, विंडोज उपलब्ध अपडेट्स की जाँच करेगा और उन्हें डाउनलोड करना शुरू कर देगा। यदि कोई विशेष अपडेट बार-बार फेल हो रहा है, तो आप Microsoft Update Catalog वेबसाइट से उस अपडेट को मैन्युअल रूप से डाउनलोड करके इंस्टॉल करने का प्रयास कर सकते हैं। यह थोड़ी तकनीकी प्रक्रिया लग सकती है, लेकिन मेरे अनुभव में, इसने कई बार उन stubborn अपडेट्स को इंस्टॉल करने में मदद की है जो स्वचालित रूप से नहीं हो रहे थे। याद रखें, एक पूरी तरह से अपडेटेड सिस्टम एक स्वस्थ सिस्टम होता है, और यह आपके विंडोज सिस्टम फाइलों को भी सही स्थिति में रखता है।
| उपाय का नाम | मुख्य कार्य | कब उपयोग करें |
|---|---|---|
| SFC (System File Checker) | खराब सिस्टम फाइलों का पता लगाना और उन्हें ठीक करना | जब विंडोज अस्थिर लगे, ऐप क्रैश हों |
| DISM (Deployment Image Servicing and Management) | विंडोज सिस्टम इमेज को रिपेयर करना | जब SFC काम न करे या सिस्टम अपडेट में समस्या हो |
| सिस्टम रीस्टोर | विंडोज को पिछले काम करने वाले स्थिति में वापस लाना | हाल ही में किए गए बदलावों या इंस्टॉलेशन के बाद समस्या आए |
| CHKDSK (Check Disk) | हार्ड ड्राइव की त्रुटियों और खराब सेक्टर्स की जाँच और मरम्मत | जब फाइलों में भ्रष्टाचार या धीमी गति का संदेह हो |
जब सब कुछ फेल हो जाए: विंडोज को रीसेट या रीइंस्टॉल करना
अब बात करते हैं अंतिम उपायों की। अगर आपने ऊपर बताए गए सभी तरीके आज़मा लिए हैं और आपका कंप्यूटर अभी भी ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो कभी-कभी विंडोज को रीसेट करना या पूरी तरह से रीइंस्टॉल करना ही एकमात्र विकल्प बचता है। यह निर्णय लेना कभी-कभी बहुत मुश्किल होता है, खासकर जब आपने अपने कंप्यूटर पर बहुत सारा डेटा स्टोर कर रखा हो। मुझे याद है एक बार मेरे लैपटॉप में इतना भयंकर वायरस आ गया था कि कोई भी एंटीवायरस उसे हटा नहीं पा रहा था और सिस्टम फाइलें इतनी बुरी तरह से करप्ट हो चुकी थीं कि कुछ भी काम नहीं कर रहा था। तब मैंने बहुत भारी मन से विंडोज को रीइंस्टॉल करने का फैसला किया था। यह एक नई शुरुआत की तरह होता है। यह आपके विंडोज को उसकी मूल, फ्रेश स्थिति में वापस ले आता है, जैसे कि आपने अभी-अभी नया कंप्यूटर खरीदा हो। यह आपके सिस्टम से सभी पुरानी समस्याओं, करप्टेड फाइलों और अनचाहे प्रोग्राम्स को एक झटके में हटा देता है।
‘यह पीसी रीसेट करें’ का विकल्प कब चुनें?
विंडोज 10 और 11 में एक बहुत ही सुविधाजनक ‘Reset this PC’ (यह पीसी रीसेट करें) विकल्प है। यह आपको दो विकल्प देता है: ‘Keep my files’ (मेरी फाइलें रखें) या ‘Remove everything’ (सब कुछ हटा दें)। यदि आप ‘Keep my files’ चुनते हैं, तो विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम फिर से इंस्टॉल हो जाएगा, लेकिन आपकी व्यक्तिगत फाइलें (जैसे डॉक्यूमेंट्स, पिक्चर्स) सुरक्षित रहेंगी। हालांकि, आपके सभी इंस्टॉल किए गए ऐप्स और सेटिंग्स हटा दिए जाएंगे। मेरा अनुभव कहता है कि यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो सिस्टम की समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन अपनी व्यक्तिगत फाइलों का बैकअप नहीं लेना चाहते या नहीं ले पाए हैं। यह एक अपेक्षाकृत कम दर्दनाक तरीका है अपने सिस्टम को ताज़ा करने का। यह तब आज़माना चाहिए जब आपका सिस्टम बहुत धीमा हो गया हो, अजीब एरर दे रहा हो, या बार-बार क्रैश हो रहा हो और SFC/DISM जैसे कमांड्स काम न कर रहे हों।
क्लीन इंस्टॉलेशन: एक नई शुरुआत
जब ‘Reset this PC’ भी काम न करे या आप अपने कंप्यूटर को बिल्कुल नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं, तो क्लीन इंस्टॉलेशन सबसे अच्छा विकल्प है। इसका मतलब है कि आप विंडोज की एक नई कॉपी को पूरी तरह से इंस्टॉल करेंगे, जिससे आपकी हार्ड ड्राइव से सब कुछ मिट जाएगा। इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, सभी प्रोग्राम्स, और आपकी सभी व्यक्तिगत फाइलें शामिल हैं। इसलिए, क्लीन इंस्टॉलेशन करने से पहले अपनी सभी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप लेना बहुत ज़रूरी है। मैंने खुद क्लीन इंस्टॉलेशन करके अपने कंप्यूटर को कई बार एक नया जीवन दिया है। यह एक बड़ी प्रक्रिया है, जिसमें विंडोज इंस्टॉलेशन मीडिया (USB ड्राइव या DVD) की आवश्यकता होती है, लेकिन इसका परिणाम हमेशा एक तेज़, क्लीन और एरर-फ्री सिस्टम होता है। यदि आपका सिस्टम लगातार अस्थिर है, गंभीर वायरस या मैलवेयर से संक्रमित है, या आप एक बड़ी परफॉर्मेंस बूस्ट चाहते हैं, तो क्लीन इंस्टॉलेशन ही अंतिम और सबसे प्रभावी समाधान है।
आपकी हार्ड ड्राइव की सेहत: CHKDSK से करें जाँच
क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि आपका कंप्यूटर बेवजह धीमा हो रहा है या फाइलें अचानक गायब हो जाती हैं? कई बार विंडोज सिस्टम फाइलों का भ्रष्टाचार हार्ड ड्राइव की समस्याओं के कारण होता है। मेरा मानना है कि हमारी हार्ड ड्राइव ही हमारे कंप्यूटर का दिल है, और अगर दिल ही बीमार हो तो पूरा शरीर कैसे ठीक रह सकता है?
मैंने देखा है कि बहुत से लोग अपनी हार्ड ड्राइव की सेहत पर ध्यान नहीं देते, जब तक कि वह पूरी तरह से फेल न हो जाए। CHKDSK (Check Disk) कमांड एक ऐसा टूल है जो आपकी हार्ड ड्राइव में भौतिक त्रुटियों (बैड सेक्टर्स) और फाइल सिस्टम की तार्किक त्रुटियों की जाँच करता है और उन्हें ठीक करने का प्रयास करता है। यदि आपकी हार्ड ड्राइव में बैड सेक्टर्स हैं, तो वे सिस्टम फाइलों को पढ़ने या लिखने में बाधा डाल सकते हैं, जिससे भ्रष्टाचार हो सकता है और विंडोज अस्थिर हो सकता है। CHKDSK चलाना आपके कंप्यूटर के लिए एक नियमित स्वास्थ्य जाँच जैसा है।
कमांड प्रॉम्प्ट से CHKDSK कैसे चलाएं?
CHKDSK कमांड को चलाना अपेक्षाकृत आसान है। आपको एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कमांड प्रॉम्प्ट खोलना होगा। फिर, आप टाइप करके एंटर दबा सकते हैं। विकल्प कमांड को डिस्क पर त्रुटियों को ठीक करने के लिए कहता है, और विकल्प खराब सेक्टर्स का पता लगाने और रिकवरेबल जानकारी को पुनर्प्राप्त करने का प्रयास करता है। चूंकि CHKDSK को डिस्क को लॉक करने की आवश्यकता होती है, इसलिए यदि डिस्क उपयोग में है (जैसे कि आपकी विंडोज इंस्टॉल की गई ड्राइव), तो यह आपको अगली बार कंप्यूटर रीस्टार्ट होने पर स्कैन करने के लिए कहेगा। मैंने हमेशा इसे रात भर चलने के लिए छोड़ दिया है, ताकि यह अपना काम आराम से कर सके। यह आपको अगले दिन एक स्वच्छ और संभावित रूप से तेज़ सिस्टम देता है।
त्रुटियों को समझना और उनका समाधान
जब CHKDSK स्कैन पूरा हो जाता है, तो यह आपको एक रिपोर्ट देता है जिसमें पाई गई और ठीक की गई त्रुटियों का विवरण होता है। यदि आपको लगातार बैड सेक्टर्स या गंभीर त्रुटियों की रिपोर्ट मिलती है, तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपकी हार्ड ड्राइव फेल होने वाली है। मेरा सुझाव है कि ऐसे में आप तुरंत अपनी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप ले लें और एक नई हार्ड ड्राइव या SSD में अपग्रेड करने पर विचार करें। मैंने खुद एक बार ऐसी स्थिति का सामना किया था जहाँ CHKDSK ने लगातार बैड सेक्टर्स दिखाए और अंततः, मुझे अपनी हार्ड ड्राइव बदलनी पड़ी। यह एक कड़वा अनुभव था, लेकिन इसने मुझे अपनी डेटा की सुरक्षा के महत्व का एहसास कराया। CHKDSK सिर्फ समस्याओं को ठीक करने में ही नहीं, बल्कि संभावित हार्डवेयर विफलताओं के बारे में चेतावनी देने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भविष्य के लिए तैयारी: अपनी विंडोज को स्वस्थ रखने के उपाय
दोस्तों, विंडोज सिस्टम फाइलों को रिपेयर करना एक बात है, लेकिन सबसे अच्छी रणनीति है कि उन्हें खराब होने ही न दिया जाए! यह मेरा अपना मंत्र है: रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर है। मैंने अपने कई सालों के अनुभव में यह सीखा है कि थोड़ी सी सावधानी और कुछ अच्छी आदतें आपको भविष्य में आने वाली बड़ी परेशानियों से बचा सकती हैं। ठीक वैसे ही जैसे हम अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम और सही खान-पान का ध्यान रखते हैं, वैसे ही हमें अपने कंप्यूटर को भी “फिट” रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह न केवल आपके सिस्टम को सुचारू रूप से चलाएगा बल्कि आपकी कीमती फाइलों को भी सुरक्षित रखेगा। यह आपको अनचाहे तनाव और अचानक होने वाले डाउनटाइम से बचाता है, जिसकी कीमत हम सब जानते हैं, खासकर जब हम किसी महत्वपूर्ण काम में लगे होते हैं।
नियमित बैकअप की अहमियत
यह शायद सबसे महत्वपूर्ण सलाह है जो मैं आपको दे सकता हूँ। मैंने अपनी जिंदगी में कई बार देखा है कि लोग अपने डेटा के महत्व को तब तक नहीं समझते जब तक वह खो न जाए। अपनी महत्वपूर्ण फाइलों का नियमित रूप से बैकअप लेना आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। क्लाउड स्टोरेज (जैसे Google Drive, OneDrive), एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव, या नेटवर्क ड्राइव का उपयोग करें। मेरा सुझाव है कि आप अपने सबसे ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और तस्वीरों का कम से कम दो जगहों पर बैकअप रखें। मैंने खुद कई बार अपने दोस्तों को समझाया है कि एक बार उनका कंप्यूटर क्रैश हुआ और उन्होंने बैकअप नहीं लिया था, तो उन्हें कितना नुकसान हुआ। यदि आपकी सिस्टम फाइलें कभी इतनी खराब हो जाएँ कि आपको विंडोज को रीसेट या रीइंस्टॉल करना पड़े, तो एक अच्छा बैकअप होने से आप बहुत समय और सिरदर्द बचा सकते हैं। यह आपको मानसिक शांति देता है।
अनचाहे प्रोग्राम्स से छुटकारा
आपके कंप्यूटर पर जितने ज़्यादा प्रोग्राम्स इंस्टॉल होंगे, उतनी ही ज़्यादा संभावना है कि उनमें से कोई सिस्टम फाइलों में हस्तक्षेप करे या उन्हें भ्रष्ट करे। मैंने देखा है कि लोग अक्सर ऐसे प्रोग्राम्स इंस्टॉल कर लेते हैं जिनकी उन्हें ज़रूरत नहीं होती, और वे बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, सिस्टम रिसोर्सेज का उपयोग करते हैं और संभावित रूप से समस्याएं पैदा करते हैं। समय-समय पर अपने “Add or remove programs” (प्रोग्राम जोड़ें या हटाएँ) सेक्शन में जाएँ और उन सभी प्रोग्राम्स को अनइंस्टॉल करें जिनकी आपको अब ज़रूरत नहीं है। यह न केवल आपके सिस्टम को तेज़ करेगा बल्कि संभावित सॉफ्टवेयर संघर्षों और सिस्टम फाइल भ्रष्टाचार को भी कम करेगा। मेरे लैपटॉप पर, मैं हर महीने यह जाँच करता हूँ कि कौन से प्रोग्राम्स को मैं अब उपयोग नहीं कर रहा हूँ और उन्हें हटा देता हूँ। यह एक छोटी सी आदत है जो आपके सिस्टम को हल्का और स्वस्थ रखती है।
अच्छा एंटीवायरस: आपका भरोसेमंद साथी
आखिरी लेकिन सबसे ज़रूरी बात – एक अच्छा एंटीवायरस प्रोग्राम! विंडोज सिस्टम फाइलों को भ्रष्ट करने वाले सबसे बड़े दोषियों में से एक वायरस और मैलवेयर होते हैं। ये दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम चुपचाप आपके सिस्टम में घुसपैठ कर सकते हैं और आपकी फाइलों को नष्ट कर सकते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि कैसे एक मजबूत एंटीवायरस ने मेरे सिस्टम को कई खतरों से बचाया है। विंडोज डिफेंडर (Windows Defender) एक अच्छा शुरुआती बिंदु है, लेकिन यदि आप अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं, तो बाजार में कई बेहतरीन थर्ड-पार्टी एंटीवायरस समाधान उपलब्ध हैं। सुनिश्चित करें कि आपका एंटीवायरस हमेशा अपडेटेड रहे और नियमित स्कैन चलाए। यह आपके सिस्टम के लिए एक मज़बूत ढाल है जो उसे बाहरी खतरों से बचाता है, जिससे आपकी विंडोज सिस्टम फाइलें सुरक्षित और स्वस्थ रहती हैं। याद रखें, एक सुरक्षित सिस्टम एक स्थिर सिस्टम होता है!
नमस्ते मेरे प्यारे टेक-प्रेमियों! क्या आपका कंप्यूटर भी आजकल थोड़ा सुस्त हो गया है? या फिर अचानक कोई अजीब सा एरर मैसेज दिखा कर अटक जाता है, जिससे आपका सारा काम रुक जाता है?
यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं! हम में से कई लोगों ने इस परेशानी को झेला है, और मैंने खुद अपने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के बीच ऐसी समस्याओं का सामना किया है। अक्सर इन सब के पीछे हमारी विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम की कुछ ज़रूरी फाइलें खराब हो जाती हैं या उनमें कोई गड़बड़ी आ जाती है। लेकिन घबराइए मत, ये कोई ऐसी मुश्किल नहीं है जिसका समाधान न हो। आजकल की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ हम अपने काम से लेकर मनोरंजन तक सब कुछ कंप्यूटर पर निर्भर करते हैं, वहाँ एक सुचारु रूप से चलने वाला सिस्टम होना कितना ज़रूरी है, ये हम सब जानते हैं। मैंने खुद कई तरीकों को आज़माया है और पाया है कि विंडोज सिस्टम फाइलों को ठीक करना उतना मुश्किल नहीं जितना लगता है। अगर आप भी अपने कंप्यूटर को फिर से उसकी पुरानी रफ़्तार और भरोसे के साथ चलाना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस पोस्ट में, मैं आपके साथ अपने अनुभव पर आधारित वो सारे अचूक तरीके साझा करने वाला हूँ, जिनसे आप अपनी विंडोज सिस्टम फाइलों को आसानी से रिपेयर कर सकते हैं और अपने पीसी को एक नया जीवन दे सकते हैं। तो चलिए, इस बेहद ज़रूरी जानकारी को बारीकी से समझते हैं और आपके कंप्यूटर को फिर से धमाकेदार बनाते हैं!
विंडोज को फिर से जवाँ बनाने का पहला कदम: SFC और DISM कमांड्स का जादू
हम में से कई लोग जब कंप्यूटर धीमा होने लगता है या अजीबोगरीब व्यवहार करता है, तो सीधे रीसेट करने के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन रुकिए! मेरा अपना अनुभव कहता है कि अक्सर ये समस्याएँ सिस्टम फाइलों में छोटी-मोटी गड़बड़ी के कारण होती हैं, जिन्हें SFC (System File Checker) और DISM (Deployment Image Servicing and Management) जैसे शक्तिशाली कमांड्स से ठीक किया जा सकता है। याद है, जब मेरे एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की डेडलाइन करीब थी और अचानक मेरा पीसी अजीब तरह से क्रैश होने लगा?
मैंने घबरा कर यही कमांड्स चलाए और सच कहूँ, मेरी जान में जान आ गई। ये कमांड्स विंडोज की उन सभी मूल फाइलों को स्कैन करते हैं और अगर कोई फाइल खराब या गायब हो तो उसे ठीक करते हैं या उसकी जगह सही फाइल डालते हैं। जैसे एक अच्छा डॉक्टर हमारे शरीर की जाँच कर बीमारी का इलाज करता है, वैसे ही ये कमांड्स आपके विंडोज सिस्टम की गहराई से जाँच कर उसे स्वस्थ बनाते हैं। ये एक तरह से आपके कंप्यूटर के लिए पहला और सबसे ज़रूरी प्राथमिक उपचार हैं। मैंने देखा है कि बहुत से लोग इन कमांड्स को अनदेखा कर देते हैं या इनके बारे में जानते ही नहीं, जबकि ये कितनी बड़ी राहत दे सकते हैं। बस सही तरीके से इन्हें चलाने की जानकारी होनी चाहिए।
SFC स्कैन कैसे काम करता है?
SFC कमांड, या सिस्टम फाइल चेकर, विंडोज का एक बिल्ट-इन यूटिलिटी है जो आपके कंप्यूटर पर सभी संरक्षित सिस्टम फाइलों को स्कैन करता है। यह किसी भी भ्रष्ट, संशोधित, या गलत संस्करण वाली फाइलों का पता लगाता है और उन्हें उनके सही, माइक्रोसॉफ्ट-अप्रूव्ड संस्करणों से बदल देता है। यह कमांड चलाना बहुत आसान है। आपको बस एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कमांड प्रॉम्प्ट खोलना होगा और टाइप करके एंटर दबाना होगा। मैंने खुद कई बार इस कमांड को चलाकर अपने सिस्टम को बड़े क्रैश से बचाया है। यह अक्सर छोटी-मोटी समस्याओं जैसे कि ऐप क्रैश होना, विंडोज फीचर्स का ठीक से काम न करना, या ब्लू स्क्रीन एरर (BSOD) को ठीक करने में बहुत प्रभावी होता है। स्कैन में कुछ समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखना ज़रूरी है। जब यह पूरा हो जाता है, तो आपको एक रिपोर्ट मिलती है जो बताती है कि कोई समस्या मिली और उसे ठीक किया गया या नहीं।
DISM: सिस्टम इमेज का डॉक्टर

जब SFC कमांड अकेले समस्या का समाधान नहीं कर पाता, तो अक्सर समस्या विंडोज की अंडरलाइंग सिस्टम इमेज में होती है। यहीं पर DISM (Deployment Image Servicing and Management) कमांड काम आता है। DISM टूल विंडोज सिस्टम इमेज को तैयार करने, सेवा देने और रिपेयर करने में मदद करता है। यह विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब आपके विंडोज अपडेट ठीक से इंस्टॉल नहीं हो रहे हों या SFC स्कैन ठीक से काम न कर रहा हो। DISM कमांड ऑनलाइन या ऑफलाइन विंडोज इमेज को रिपेयर कर सकता है। आप इसे कमांड प्रॉम्प्ट में एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में चला सकते हैं। इसके कुछ मुख्य कमांड्स हैं जैसे (समस्याओं की जाँच के लिए), (गहन स्कैन के लिए), और (समस्याओं को ठीक करने के लिए)। मैंने देखा है कि जब SFC कुछ नहीं कर पाता, तब DISM अक्सर काम कर जाता है और सिस्टम को बचा लेता है। यह एक ऐसा “अंतिम उपाय” है जो वास्तव में अक्सर पहला होता है जब SFC विफल हो जाता है।
पुराने दिनों की याद दिलाता सिस्टम रीस्टोर पॉइंट
मुझे आज भी याद है, एक बार मैंने गलती से अपने विंडोज में एक नया ड्राइवर इंस्टॉल कर दिया था जिसके बाद मेरा कंप्यूटर बार-बार फ्रीज़ होने लगा। मेरी घबराहट का ठिकाना नहीं था क्योंकि मेरा सारा काम रुक गया था। तब मुझे सिस्टम रीस्टोर पॉइंट की याद आई। यह सुविधा मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं थी!
सिस्टम रीस्टोर पॉइंट एक ऐसी सुविधा है जो आपके विंडोज को एक पिछली स्थिति में वापस ले जाती है, जब सब कुछ ठीक काम कर रहा था। यह एक तरह से आपके सिस्टम का “टाइम मशीन” है। यह आपकी व्यक्तिगत फाइलों को प्रभावित किए बिना सिस्टम फाइलों, इंस्टॉल किए गए प्रोग्राम्स और रजिस्ट्री सेटिंग्स को वापस बदल देता है। यह तब बहुत उपयोगी होता है जब आपने कोई नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया हो, कोई अपडेट किया हो, या कोई ड्राइवर अपडेट किया हो जिसके कारण आपके सिस्टम में समस्या आ गई हो। मैंने पाया है कि यह उन लोगों के लिए एक लाइफसेवर है जो अक्सर अपने सिस्टम में नई चीजें ट्राई करते रहते हैं। यह आपको एक सुरक्षित रास्ता देता है जिससे आप बिना किसी डर के बदलाव कर सकते हैं, क्योंकि आपको पता है कि आप हमेशा एक काम करने वाली स्थिति में वापस आ सकते हैं।
रीस्टोर पॉइंट बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका
सिस्टम रीस्टोर पॉइंट बनाना बहुत आसान है और मैं हमेशा यही सलाह देता हूँ कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले एक रीस्टोर पॉइंट ज़रूर बना लें। आप “Create a restore point” सर्च करके सिस्टम प्रॉपर्टीज विंडो में जा सकते हैं। वहाँ, “System Protection” टैब में, आप “Create…” बटन पर क्लिक करके एक नया रीस्टोर पॉइंट बना सकते हैं। जब आपको अपने सिस्टम को रीस्टोर करना हो, तो उसी विंडो में “System Restore…” बटन पर क्लिक करें और अपनी पसंदीदा रीस्टोर पॉइंट चुनें। यह प्रक्रिया आपके कंप्यूटर को रीस्टार्ट करेगी और उसे उस स्थिति में वापस ले जाएगी। यह मेरी अपनी अनुभव से साबित हुआ है कि यह एक छोटा सा कदम है जो आपको बड़ी परेशानियों से बचा सकता है। यह आपको उन क्षणों में बहुत आत्मविश्वास देता है जब आप कुछ नया आज़मा रहे होते हैं, यह जानते हुए कि आपके पास हमेशा एक वापसी का मार्ग है।
कब करें सिस्टम रीस्टोर का इस्तेमाल?
सिस्टम रीस्टोर का उपयोग तब करना चाहिए जब आपको लगे कि आपके कंप्यूटर की समस्या हाल ही में किए गए किसी बदलाव (जैसे सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन, ड्राइवर अपडेट) के कारण आई है। यदि आपका कंप्यूटर धीरे चल रहा है, कोई ऐप क्रैश हो रहा है, या कोई नया एरर मैसेज दिखाई दे रहा है जो पहले नहीं था, तो सिस्टम रीस्टोर एक अच्छा पहला कदम हो सकता है। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह आपकी व्यक्तिगत फाइलों, जैसे डॉक्यूमेंट्स, पिक्चर्स या वीडियो को डिलीट नहीं करेगा। यह केवल सिस्टम से संबंधित फाइलों और प्रोग्राम्स को प्रभावित करेगा। यदि आप किसी वायरस या मैलवेयर से प्रभावित हुए हैं, तो सिस्टम रीस्टोर कुछ हद तक मदद कर सकता है, लेकिन यह एक पूर्ण एंटीवायरस समाधान का विकल्प नहीं है। हमेशा अपनी समस्या की जड़ को समझने की कोशिश करें और फिर सही उपाय चुनें।
अधूरा अपडेट, आधी समस्या: विंडोज अपडेट को पूरा करें
अरे हाँ! क्या आपको पता है कि बहुत बार हमारी विंडोज की समस्याएँ अधूरे या करप्टेड अपडेट्स के कारण भी होती हैं? मैंने कई बार देखा है कि लोग विंडोज अपडेट्स को टालते रहते हैं, और फिर एक दिन उनका सिस्टम अजीबोगरीब व्यवहार करने लगता है। विंडोज अपडेट्स सिर्फ नए फीचर्स नहीं लाते, बल्कि वे सुरक्षा पैच और सिस्टम सुधार भी लाते हैं जो आपके कंप्यूटर को सुचारु रूप से चलाने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं। अगर ये अपडेट्स ठीक से इंस्टॉल न हों, या बीच में रुक जाएँ, तो सिस्टम फाइलों में गड़बड़ी आ सकती है। मेरे एक दोस्त ने एक बार मुझसे शिकायत की थी कि उसका कंप्यूटर हर बार स्टार्ट होने पर बहुत धीमा हो जाता है। जब हमने जाँच की, तो पता चला कि कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा अपडेट्स कई हफ्तों से पेंडिंग थे!
अपडेट्स इंस्टॉल करने के बाद उसका सिस्टम फिर से पहले जैसा तेज़ हो गया। यह एक छोटी सी बात लग सकती है, लेकिन यह आपके सिस्टम के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अपडेट सेटिंग्स की जाँच कैसे करें?
अपनी विंडोज अपडेट सेटिंग्स की जाँच करना बहुत आसान है। आपको बस स्टार्ट मेनू में जाकर “Settings” (सेटिंग्स) पर क्लिक करना है, फिर “Update & Security” (अपडेट और सुरक्षा) में जाना है। यहाँ आपको “Windows Update” (विंडोज अपडेट) सेक्शन मिलेगा। इस सेक्शन में, आप देख सकते हैं कि क्या कोई अपडेट पेंडिंग है या कोई एरर आया है। मेरा सुझाव है कि आप “Pause updates for 7 days” (7 दिनों के लिए अपडेट रोकें) जैसे विकल्पों का उपयोग केवल तभी करें जब आपको किसी तत्काल कार्य के लिए सिस्टम की पूरी क्षमता की आवश्यकता हो। अन्यथा, विंडोज को स्वचालित रूप से अपडेट्स डाउनलोड और इंस्टॉल करने दें। यह आपके सिस्टम को न केवल सुरक्षित रखता है बल्कि सिस्टम फाइलों को भी सही स्थिति में रखने में मदद करता है। यह एक छोटी सी आदत है जो बड़े सिरदर्द से बचाती है।
पेंडिंग अपडेट्स को मैन्युअल रूप से इंस्टॉल करना
कई बार ऐसा होता है कि स्वचालित अपडेट्स किसी कारण से फेल हो जाते हैं। ऐसे में, आप मैन्युअल रूप से अपडेट्स इंस्टॉल करने का प्रयास कर सकते हैं। विंडोज अपडेट सेक्शन में, आपको “Check for updates” (अपडेट के लिए जाँच करें) का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करके, विंडोज उपलब्ध अपडेट्स की जाँच करेगा और उन्हें डाउनलोड करना शुरू कर देगा। यदि कोई विशेष अपडेट बार-बार फेल हो रहा है, तो आप Microsoft Update Catalog वेबसाइट से उस अपडेट को मैन्युअल रूप से डाउनलोड करके इंस्टॉल करने का प्रयास कर सकते हैं। यह थोड़ी तकनीकी प्रक्रिया लग सकती है, लेकिन मेरे अनुभव में, इसने कई बार उन stubborn अपडेट्स को इंस्टॉल करने में मदद की है जो स्वचालित रूप से नहीं हो रहे थे। याद रखें, एक पूरी तरह से अपडेटेड सिस्टम एक स्वस्थ सिस्टम होता है, और यह आपके विंडोज सिस्टम फाइलों को भी सही स्थिति में रखता है।
| उपाय का नाम | मुख्य कार्य | कब उपयोग करें |
|---|---|---|
| SFC (System File Checker) | खराब सिस्टम फाइलों का पता लगाना और उन्हें ठीक करना | जब विंडोज अस्थिर लगे, ऐप क्रैश हों |
| DISM (Deployment Image Servicing and Management) | विंडोज सिस्टम इमेज को रिपेयर करना | जब SFC काम न करे या सिस्टम अपडेट में समस्या हो |
| सिस्टम रीस्टोर | विंडोज को पिछले काम करने वाले स्थिति में वापस लाना | हाल ही में किए गए बदलावों या इंस्टॉलेशन के बाद समस्या आए |
| CHKDSK (Check Disk) | हार्ड ड्राइव की त्रुटियों और खराब सेक्टर्स की जाँच और मरम्मत | जब फाइलों में भ्रष्टाचार या धीमी गति का संदेह हो |
जब सब कुछ फेल हो जाए: विंडोज को रीसेट या रीइंस्टॉल करना
अब बात करते हैं अंतिम उपायों की। अगर आपने ऊपर बताए गए सभी तरीके आज़मा लिए हैं और आपका कंप्यूटर अभी भी ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो कभी-कभी विंडोज को रीसेट करना या पूरी तरह से रीइंस्टॉल करना ही एकमात्र विकल्प बचता है। यह निर्णय लेना कभी-कभी बहुत मुश्किल होता है, खासकर जब आपने अपने कंप्यूटर पर बहुत सारा डेटा स्टोर कर रखा हो। मुझे याद है एक बार मेरे लैपटॉप में इतना भयंकर वायरस आ गया था कि कोई भी एंटीवायरस उसे हटा नहीं पा रहा था और सिस्टम फाइलें इतनी बुरी तरह से करप्ट हो चुकी थीं कि कुछ भी काम नहीं कर रहा था। तब मैंने बहुत भारी मन से विंडोज को रीइंस्टॉल करने का फैसला किया था। यह एक नई शुरुआत की तरह होता है। यह आपके विंडोज को उसकी मूल, फ्रेश स्थिति में वापस ले आता है, जैसे कि आपने अभी-अभी नया कंप्यूटर खरीदा हो। यह आपके सिस्टम से सभी पुरानी समस्याओं, करप्टेड फाइलों और अनचाहे प्रोग्राम्स को एक झटके में हटा देता है।
‘यह पीसी रीसेट करें’ का विकल्प कब चुनें?
विंडोज 10 और 11 में एक बहुत ही सुविधाजनक ‘Reset this PC’ (यह पीसी रीसेट करें) विकल्प है। यह आपको दो विकल्प देता है: ‘Keep my files’ (मेरी फाइलें रखें) या ‘Remove everything’ (सब कुछ हटा दें)। यदि आप ‘Keep my files’ चुनते हैं, तो विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम फिर से इंस्टॉल हो जाएगा, लेकिन आपकी व्यक्तिगत फाइलें (जैसे डॉक्यूमेंट्स, पिक्चर्स) सुरक्षित रहेंगी। हालांकि, आपके सभी इंस्टॉल किए गए ऐप्स और सेटिंग्स हटा दिए जाएंगे। मेरा अनुभव कहता है कि यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो सिस्टम की समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन अपनी व्यक्तिगत फाइलों का बैकअप नहीं लेना चाहते या नहीं ले पाए हैं। यह एक अपेक्षाकृत कम दर्दनाक तरीका है अपने सिस्टम को ताज़ा करने का। यह तब आज़माना चाहिए जब आपका सिस्टम बहुत धीमा हो गया हो, अजीब एरर दे रहा हो, या बार-बार क्रैश हो रहा हो और SFC/DISM जैसे कमांड्स काम न कर रहे हों।
क्लीन इंस्टॉलेशन: एक नई शुरुआत
जब ‘Reset this PC’ भी काम न करे या आप अपने कंप्यूटर को बिल्कुल नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं, तो क्लीन इंस्टॉलेशन सबसे अच्छा विकल्प है। इसका मतलब है कि आप विंडोज की एक नई कॉपी को पूरी तरह से इंस्टॉल करेंगे, जिससे आपकी हार्ड ड्राइव से सब कुछ मिट जाएगा। इसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, सभी प्रोग्राम्स, और आपकी सभी व्यक्तिगत फाइलें शामिल हैं। इसलिए, क्लीन इंस्टॉलेशन करने से पहले अपनी सभी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप लेना बहुत ज़रूरी है। मैंने खुद क्लीन इंस्टॉलेशन करके अपने कंप्यूटर को कई बार एक नया जीवन दिया है। यह एक बड़ी प्रक्रिया है, जिसमें विंडोज इंस्टॉलेशन मीडिया (USB ड्राइव या DVD) की आवश्यकता होती है, लेकिन इसका परिणाम हमेशा एक तेज़, क्लीन और एरर-फ्री सिस्टम होता है। यदि आपका सिस्टम लगातार अस्थिर है, गंभीर वायरस या मैलवेयर से संक्रमित है, या आप एक बड़ी परफॉर्मेंस बूस्ट चाहते हैं, तो क्लीन इंस्टॉलेशन ही अंतिम और सबसे प्रभावी समाधान है।
आपकी हार्ड ड्राइव की सेहत: CHKDSK से करें जाँच
क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि आपका कंप्यूटर बेवजह धीमा हो रहा है या फाइलें अचानक गायब हो जाती हैं? कई बार विंडोज सिस्टम फाइलों का भ्रष्टाचार हार्ड ड्राइव की समस्याओं के कारण होता है। मेरा मानना है कि हमारी हार्ड ड्राइव ही हमारे कंप्यूटर का दिल है, और अगर दिल ही बीमार हो तो पूरा शरीर कैसे ठीक रह सकता है?
मैंने देखा है कि बहुत से लोग अपनी हार्ड ड्राइव की सेहत पर ध्यान नहीं देते, जब तक कि वह पूरी तरह से फेल न हो जाए। CHKDSK (Check Disk) कमांड एक ऐसा टूल है जो आपकी हार्ड ड्राइव में भौतिक त्रुटियों (बैड सेक्टर्स) और फाइल सिस्टम की तार्किक त्रुटियों की जाँच करता है और उन्हें ठीक करने का प्रयास करता है। यदि आपकी हार्ड ड्राइव में बैड सेक्टर्स हैं, तो वे सिस्टम फाइलों को पढ़ने या लिखने में बाधा डाल सकते हैं, जिससे भ्रष्टाचार हो सकता है और विंडोज अस्थिर हो सकता है। CHKDSK चलाना आपके कंप्यूटर के लिए एक नियमित स्वास्थ्य जाँच जैसा है।
कमांड प्रॉम्प्ट से CHKDSK कैसे चलाएं?
CHKDSK कमांड को चलाना अपेक्षाकृत आसान है। आपको एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कमांड प्रॉम्प्ट खोलना होगा। फिर, आप टाइप करके एंटर दबा सकते हैं। विकल्प कमांड को डिस्क पर त्रुटियों को ठीक करने के लिए कहता है, और विकल्प खराब सेक्टर्स का पता लगाने और रिकवरेबल जानकारी को पुनर्प्राप्त करने का प्रयास करता है। चूंकि CHKDSK को डिस्क को लॉक करने की आवश्यकता होती है, इसलिए यदि डिस्क उपयोग में है (जैसे कि आपकी विंडोज इंस्टॉल की गई ड्राइव), तो यह आपको अगली बार कंप्यूटर रीस्टार्ट होने पर स्कैन करने के लिए कहेगा। मैंने हमेशा इसे रात भर चलने के लिए छोड़ दिया है, ताकि यह अपना काम आराम से कर सके। यह आपको अगले दिन एक स्वच्छ और संभावित रूप से तेज़ सिस्टम देता है।
त्रुटियों को समझना और उनका समाधान
जब CHKDSK स्कैन पूरा हो जाता है, तो यह आपको एक रिपोर्ट देता है जिसमें पाई गई और ठीक की गई त्रुटियों का विवरण होता है। यदि आपको लगातार बैड सेक्टर्स या गंभीर त्रुटियों की रिपोर्ट मिलती है, तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपकी हार्ड ड्राइव फेल होने वाली है। मेरा सुझाव है कि ऐसे में आप तुरंत अपनी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप ले लें और एक नई हार्ड ड्राइव या SSD में अपग्रेड करने पर विचार करें। मैंने खुद एक बार ऐसी स्थिति का सामना किया था जहाँ CHKDSK ने लगातार बैड सेक्टर्स दिखाए और अंततः, मुझे अपनी हार्ड ड्राइव बदलनी पड़ी। यह एक कड़वा अनुभव था, लेकिन इसने मुझे अपनी डेटा की सुरक्षा के महत्व का एहसास कराया। CHKDSK सिर्फ समस्याओं को ठीक करने में ही नहीं, बल्कि संभावित हार्डवेयर विफलताओं के बारे में चेतावनी देने में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भविष्य के लिए तैयारी: अपनी विंडोज को स्वस्थ रखने के उपाय
दोस्तों, विंडोज सिस्टम फाइलों को रिपेयर करना एक बात है, लेकिन सबसे अच्छी रणनीति है कि उन्हें खराब होने ही न दिया जाए! यह मेरा अपना मंत्र है: रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर है। मैंने अपने कई सालों के अनुभव में यह सीखा है कि थोड़ी सी सावधानी और कुछ अच्छी आदतें आपको भविष्य में आने वाली बड़ी परेशानियों से बचा सकती हैं। ठीक वैसे ही जैसे हम अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम और सही खान-पान का ध्यान रखते हैं, वैसे ही हमें अपने कंप्यूटर को भी “फिट” रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह न केवल आपके सिस्टम को सुचारु रूप से चलाएगा बल्कि आपकी कीमती फाइलों को भी सुरक्षित रखेगा। यह आपको अनचाहे तनाव और अचानक होने वाले डाउनटाइम से बचाता है, जिसकी कीमत हम सब जानते हैं, खासकर जब हम किसी महत्वपूर्ण काम में लगे होते हैं।
नियमित बैकअप की अहमियत
यह शायद सबसे महत्वपूर्ण सलाह है जो मैं आपको दे सकता हूँ। मैंने अपनी जिंदगी में कई बार देखा है कि लोग अपने डेटा के महत्व को तब तक नहीं समझते जब तक वह खो न जाए। अपनी महत्वपूर्ण फाइलों का नियमित रूप से बैकअप लेना आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। क्लाउड स्टोरेज (जैसे Google Drive, OneDrive), एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव, या नेटवर्क ड्राइव का उपयोग करें। मेरा सुझाव है कि आप अपने सबसे ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और तस्वीरों का कम से कम दो जगहों पर बैकअप रखें। मैंने खुद कई बार अपने दोस्तों को समझाया है कि एक बार उनका कंप्यूटर क्रैश हुआ और उन्होंने बैकअप नहीं लिया था, तो उन्हें कितना नुकसान हुआ। यदि आपकी सिस्टम फाइलें कभी इतनी खराब हो जाएँ कि आपको विंडोज को रीसेट या रीइंस्टॉल करना पड़े, तो एक अच्छा बैकअप होने से आप बहुत समय और सिरदर्द बचा सकते हैं। यह आपको मानसिक शांति देता है।
अनचाहे प्रोग्राम्स से छुटकारा
आपके कंप्यूटर पर जितने ज़्यादा प्रोग्राम्स इंस्टॉल होंगे, उतनी ही ज़्यादा संभावना है कि उनमें से कोई सिस्टम फाइलों में हस्तक्षेप करे या उन्हें भ्रष्ट करे। मैंने देखा है कि लोग अक्सर ऐसे प्रोग्राम्स इंस्टॉल कर लेते हैं जिनकी उन्हें ज़रूरत नहीं होती, और वे बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, सिस्टम रिसोर्सेज का उपयोग करते हैं और संभावित रूप से समस्याएं पैदा करते हैं। समय-समय पर अपने “Add or remove programs” (प्रोग्राम जोड़ें या हटाएँ) सेक्शन में जाएँ और उन सभी प्रोग्राम्स को अनइंस्टॉल करें जिनकी आपको अब ज़रूरत नहीं है। यह न केवल आपके सिस्टम को तेज़ करेगा बल्कि संभावित सॉफ्टवेयर संघर्षों और सिस्टम फाइल भ्रष्टाचार को भी कम करेगा। मेरे लैपटॉप पर, मैं हर महीने यह जाँच करता हूँ कि कौन से प्रोग्राम्स को मैं अब उपयोग नहीं कर रहा हूँ और उन्हें हटा देता हूँ। यह एक छोटी सी आदत है जो आपके सिस्टम को हल्का और स्वस्थ रखती है।
अच्छा एंटीवायरस: आपका भरोसेमंद साथी
आखिरी लेकिन सबसे ज़रूरी बात – एक अच्छा एंटीवायरस प्रोग्राम! विंडोज सिस्टम फाइलों को भ्रष्ट करने वाले सबसे बड़े दोषियों में से एक वायरस और मैलवेयर होते हैं। ये दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम चुपचाप आपके सिस्टम में घुसपैठ कर सकते हैं और आपकी फाइलों को नष्ट कर सकते हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से देखा है कि कैसे एक मजबूत एंटीवायरस ने मेरे सिस्टम को कई खतरों से बचाया है। विंडोज डिफेंडर (Windows Defender) एक अच्छा शुरुआती बिंदु है, लेकिन यदि आप अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं, तो बाजार में कई बेहतरीन थर्ड-पार्टी एंटीवायरस समाधान उपलब्ध हैं। सुनिश्चित करें कि आपका एंटीवायरस हमेशा अपडेटेड रहे और नियमित स्कैन चलाए। यह आपके सिस्टम के लिए एक मज़बूत ढाल है जो उसे बाहरी खतरों से बचाता है, जिससे आपकी विंडोज सिस्टम फाइलें सुरक्षित और स्वस्थ रहती हैं। याद रखें, एक सुरक्षित सिस्टम एक स्थिर सिस्टम होता है!
글을마치며
तो दोस्तों, जैसा कि आपने देखा, विंडोज सिस्टम फाइलों को ठीक करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। ये कुछ ऐसे आसान और प्रभावी तरीके हैं जिन्हें मैंने खुद आज़माया है और जिनसे मुझे हमेशा बेहतरीन नतीजे मिले हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि ये टिप्स आपके कंप्यूटर को फिर से उसकी पुरानी रफ़्तार और भरोसे के साथ चलाने में आपकी मदद करेंगे। याद रखिए, थोड़ा सा ध्यान और सही जानकारी आपके कंप्यूटर को सालों-साल नया जैसा बनाए रख सकती है। अपने पीसी को स्वस्थ रखना अब आपकी उंगलियों पर है!
알ा두면 쓸모 있는 정보
1. नियमित डिस्क क्लीनअप: अपनी हार्ड ड्राइव से अस्थायी फाइलें और अनावश्यक डेटा हटाते रहें। विंडोज में बिल्ट-इन “डिस्क क्लीनअप” टूल है जिसका उपयोग आप आसानी से कर सकते हैं। यह न केवल जगह खाली करता है बल्कि सिस्टम की प्रतिक्रियाशीलता को भी बेहतर बनाता है, जिससे सिस्टम फाइलों के लिए अधिक सुचारु रूप से काम करने का माहौल बनता है।
2. स्टार्टअप प्रोग्राम्स की जाँच करें: बहुत सारे प्रोग्राम्स विंडोज के साथ स्वचालित रूप से शुरू हो जाते हैं, जिससे सिस्टम धीमा हो जाता है। टास्क मैनेजर में जाकर “स्टार्टअप” टैब से उन प्रोग्राम्स को अक्षम करें जिनकी आपको तुरंत ज़रूरत नहीं है। इससे आपके पीसी की स्टार्टअप स्पीड में काफी सुधार होगा और सिस्टम फाइलों पर अनावश्यक बोझ कम होगा।
3. ड्राइवर्स को अपडेट रखें: ग्राफिक्स कार्ड, नेटवर्क एडेप्टर और अन्य हार्डवेयर के ड्राइवर्स को समय-समय पर अपडेट करना बहुत ज़रूरी है। पुराने ड्राइवर्स सिस्टम अस्थिरता और फाइल भ्रष्टाचार का कारण बन सकते हैं। आप निर्माता की वेबसाइट से या विंडोज अपडेट के माध्यम से ड्राइवर्स को अपडेट कर सकते हैं।
4. मैलवेयर स्कैन करना न भूलें: एक शक्तिशाली एंटीवायरस प्रोग्राम का उपयोग करके नियमित रूप से मैलवेयर और वायरसों के लिए स्कैन करें। ये दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम चुपचाप सिस्टम फाइलों को नुकसान पहुँचा सकते हैं और आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर सकते हैं। मेरे अनुभव में, एक अच्छा एंटीवायरस आपको बड़ी परेशानियों से बचाता है।
5. सिस्टम परफॉर्मेंस मॉनिटर करें: विंडोज में परफॉर्मेंस मॉनिटर और रिसोर्स मॉनिटर जैसे टूल्स होते हैं जो आपको यह समझने में मदद करते हैं कि आपका सिस्टम कैसे काम कर रहा है। यदि कोई विशेष ऐप या प्रक्रिया बहुत अधिक संसाधन का उपयोग कर रही है, तो आप उसे पहचान कर समस्या को हल कर सकते हैं, जिससे सिस्टम फाइलों पर अनुचित दबाव कम होगा।
중요 사항 정리
इस पूरी चर्चा का सार यही है कि एक स्वस्थ विंडोज सिस्टम सिर्फ़ किस्मत की बात नहीं, बल्कि नियमित देखभाल और सही जानकारी का नतीजा है। SFC और DISM जैसे कमांड्स से लेकर नियमित अपडेट्स और बैकअप तक, हर कदम आपके सिस्टम को मज़बूत बनाता है। याद रखें, अपने कंप्यूटर की समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने से वे और बढ़ती हैं। इसलिए, आज ही इन उपायों को अपनाएं और अपने डिजिटल जीवन को चिंता मुक्त बनाएं!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖
प्र: विंडोज सिस्टम फाइलें आखिर खराब क्यों होती हैं और मैं कैसे जानूँ कि मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा है?
उ: अरे दोस्तो, यह एक बहुत ही आम सवाल है जो मेरे मन में भी कई बार आया है! मुझे याद है एक बार मेरे लैपटॉप ने बिना किसी चेतावनी के बीच में ही काम करना बंद कर दिया था, और मैं सचमुच परेशान हो गया था। विंडोज सिस्टम फाइलों के खराब होने के कई कारण हो सकते हैं – कभी-कभी यह किसी वायरस या मैलवेयर के हमले की वजह से होता है जो चुपचाप आपकी फाइलों को नुकसान पहुँचाते रहते हैं। या फिर, अचानक बिजली गुल हो जाने से या कंप्यूटर के ठीक से शटडाउन न होने से भी फाइलें करप्ट हो जाती हैं। कई बार सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन में कोई गड़बड़ी, ड्राइवर की असंगति (incompatible drivers) या फिर हार्ड ड्राइव में कोई खराबी भी इसका कारण बन सकती है। आप कैसे पहचानेंगे कि आपकी सिस्टम फाइलें खराब हो गई हैं?
इसके कुछ पक्के संकेत हैं। अगर आपका कंप्यूटर बार-बार “ब्लू स्क्रीन ऑफ़ डेथ” (BSOD) दिखाता है, तो यह एक बड़ा संकेत है। इसके अलावा, अगर प्रोग्राम अचानक बंद होने लगते हैं या धीमे चलने लगते हैं, विंडोज स्टार्ट होने में बहुत ज्यादा समय लेता है, या फिर अजीबोगरीब एरर मैसेज आने लगते हैं जो पहले कभी नहीं दिखे थे, तो समझ लीजिए दाल में कुछ काला है। मैंने खुद देखा है कि जब मेरी सिस्टम फाइलें खराब हुई थीं, तो मेरा ब्राउज़र भी अटक-अटक कर चल रहा था और डाउनलोड्स बीच में ही रुक जाते थे। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है, तो समझ जाइए कि अब समय आ गया है कि इन फाइलों को ठीक किया जाए!
प्र: विंडोज सिस्टम फाइलों को ठीक करने के लिए सबसे आसान और भरोसेमंद तरीके कौन से हैं, जो मैं घर बैठे खुद कर सकूँ?
उ: बिल्कुल, यह सवाल तो सबसे ज़रूरी है! मुझे पता है कि जब कंप्यूटर में कोई दिक्कत आती है, तो हम सब चाहते हैं कि उसे जल्द से जल्द ठीक कर लें और किसी टेक्नीशियन के पास जाने की झंझट से बचें। मैंने खुद कई बार इन तरीकों को आज़माया है और ये वाकई काम करते हैं!
पहला और सबसे प्रभावी तरीका है ‘सिस्टम फाइल चेकर’ (SFC) टूल का इस्तेमाल करना। यह विंडोज में ही बना एक कमाल का टूल है जो आपकी सिस्टम फाइलों को स्कैन करता है और अगर कोई फाइल खराब या गायब है, तो उसे विंडोज के कैश (cache) से ठीक कर देता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको बस ‘कमांड प्रॉम्प्ट’ (Command Prompt) को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में खोलना है और ‘sfc /scannow’ टाइप करके एंटर दबाना है। यह थोड़ा समय ले सकता है, लेकिन यकीन मानिए, यह जादू की तरह काम करता है!
दूसरा बहुत ही शक्तिशाली टूल है ‘डिप्लॉयमेंट इमेज सर्विसिंग एंड मैनेजमेंट’ (DISM) टूल। कभी-कभी SFC अकेले काम नहीं कर पाता, खासकर जब विंडोज इमेज ही खराब हो। ऐसे में DISM आपकी विंडोज इमेज को ठीक करता है ताकि SFC अपना काम ठीक से कर सके। इसके लिए भी आपको ‘कमांड प्रॉम्प्ट’ को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में खोलकर कुछ कमांड्स चलानी होती हैं, जैसे ‘DISM /Online /Cleanup-Image /RestoreHealth’। मैंने अपनी आँखों से देखा है कि कैसे इन दो कमांड्स ने मेरे कई दोस्तों के कंप्यूटर को मौत के मुँह से वापस खींच लिया है!
ये तरीके न केवल आसान हैं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी हैं क्योंकि ये विंडोज के ही अंदरूनी टूल हैं।
प्र: सिस्टम फाइलों को ठीक करने के बाद, भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचने के लिए मुझे क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए और क्या आदतें अपनानी चाहिए?
उ: बहुत अच्छा सवाल! सिर्फ ठीक करना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए तैयार रहना भी उतना ही ज़रूरी है। मेरी खुद की अनुभव से बताऊँ तो, एक बार ठीक करने के बाद मैंने कुछ बातों पर ध्यान देना शुरू किया और फिर कभी मुझे वैसी बड़ी दिक्कत नहीं आई। सबसे पहले, हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें और उसे अपडेटेड रखें। आजकल इतने वायरस घूम रहे हैं कि आपकी फाइलें कब करप्ट हो जाएँ, पता ही नहीं चलता। मैंने खुद McAfee इस्तेमाल करके अपने सिस्टम को कई हमलों से बचाया है। दूसरा, अपने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी ड्राइवरों को नियमित रूप से अपडेट करें। माइक्रोसॉफ्ट और हार्डवेयर निर्माता अक्सर बग फिक्स और सुरक्षा अपडेट जारी करते रहते हैं जो आपके सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। ‘सेटिंग्स’ में जाकर ‘विंडोज अपडेट’ चेक करना न भूलें!
तीसरा, अपने कंप्यूटर को हमेशा सही तरीके से शटडाउन करें। डायरेक्ट पावर ऑफ करने से या जबरदस्ती बंद करने से फाइलें करप्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। थोड़ा धैर्य रखें, उसे अपना काम पूरा करने दें। चौथा, संदिग्ध वेबसाइटों पर क्लिक करने या अज्ञात ईमेल अटैचमेंट खोलने से बचें। ये अक्सर मैलवेयर के गेटवे होते हैं। और हाँ, अपनी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप नियमित रूप से लेते रहें!
मैंने क्लाउड स्टोरेज और एक एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव दोनों का इस्तेमाल करके अपने डेटा को सुरक्षित रखा है, और यह आदत आपको किसी भी बड़ी परेशानी से बचा सकती है। इन छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर आप अपने कंप्यूटर को सालों साल नया जैसा चला सकते हैं!






